आईए जाने – नगरोटा हमले का पूरा सच

जम्मू के नगरोटा में आर्मी कैंप पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के दौरान सेना को पता चला है कि आतंकवादी सुरंग के जरिए भारत में घुसे थे. बीएसएफ के डीजी के के शर्मा ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कॉबिंग ऑपरेशन के दौरान हमने सुबह चंबलियाल में सुरंग देखी है. आतंकवादियों ने इसी रास्ते भारत में घुसपैठ किया होगा.

शर्मा ने कहा कि तकनीकी मदद से इस सुरंग को बंद किए जाने की कोशिश जारी है. उन्होंने कहा कि सरहद पर बाड़ लगाने का काम बड़ी तेजी से किया जा रहा है. सरकार ने इसके आधुनिकीकरण के लिए दो पायलट प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया है. हम जल्द ही सरहद पर घुसपैठ को रोकने के लिए और मजबूत तकनीकों से लैस हो रहे हैं.
इससे पहले सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने बुधवार को नगरोटा आर्मी कैंप जाकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने सेना के अधिकारियों से बातचीत की और कई सुझाव दिए. जम्मू के नगरोटा में मंगलवार को आतंकी हमले में सेना के दो अधिकारी और पांच जवान शहीद हो गए थे. हमले में बीएसएफ के एक डीआईजी बुरी तरह घायल हो गए थे.
जम्मू कश्मीर के नगरोटा में हुए हमले के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से भारत में बने सामान बरामद हुए हैं, जिससे साफ हो गया है कि आतंकवादियों को लोकल सपोर्ट मिल रहा है. लोकल एजेंसियों और इंटेलिजेंस एजेंसियों से आतंकवादियों की मदद करने वालों की तलाश करने के लिए कहा गया है.

नरगोटा इलाका पाकिस्तान बॉर्डर से करीब 30 किलोमीटर दूर है, यानी एक बार में यहां तक सफर करना नामुमकिन है. सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने करीब 6 दिन में हमले की प्लानिंग की थी. आतंकियों ने पुलिस की जो ड्रेस पहनी हुई थी, उन्हें भी बॉर्डर इलाके पर सिलकर तैयार किया गया था.

‘अफजल की मौत का बदला था इरादा’
माना जा रहा है ये आतंकी अफजल गुरु की मौत का बदला लेने के इरादे से आए थे. मारे गए दहशतगर्दों के पास से कुछ कागज बरामद हुए हैं, जिनपर उर्दू भाषा में लिखा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कागज पर ‘अफजल गुरु के इंतकाम की एक और किश्त’ लिखा हुआ है.

एंट्री गेट पर नहीं था सशस्त्र जवान!
इस बीच, नगरोटा हमले को लेकर एक और खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार ये खुलासा हुआ है कि नगरोटा आर्मी यूनिट के ऑफिसर्स मेस के एंट्री गेट पर कोई भी सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था. इस हमले की जांच में लगी एजेंसियों ने साइट का एक स्केच तैयार किया है. इसमें जम्मू-श्रीनगर हाईवे से आर्मी यूनिट तक के संभावित रूट को लेकर जांच पर फोकस किया जा रहा है.

The keyboard, which has been a pet peeve of ios users for seven years now, will finally be swappable, and a number of famed android developers including swiftkey, https://topspying.com/ swype and fleksy have already jumped on board